नगर-नगर, डगर-डगर, घर-घर जाकर दिव्यांगजनों को विभिन्न विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं से करें लाभान्वित: राज्य आयुक्त, निःशक्तता।

 


पश्चिम चम्पारण, बेतिया

प्रेस विज्ञप्ति (संख्या-NCCHWO/09)

09.03.2021


नगर-नगर, डगर-डगर, घर-घर जाकर दिव्यांगजनों को विभिन्न विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं से करें लाभान्वित: राज्य आयुक्त, निःशक्तता।


*अधिकारियों को पूरी ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ कर्तव्यों एवं दायित्वों का निर्वहन करने मात्र से दिव्यांग जनों का होगा विकास- राष्ट्रीय सुरक्षा-प्रबंधन अधिकारी मुमताज़ अहमद*


जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, बैंक पदाधिकारी एवं चिकित्सा पदाधिकारी, आईसीडीएस के प्रोग्राम पदाधिकारी, सीडीपीओ एवं महिला सुपरवाईजरों के साथ समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न।


राज्य आयुक्त, निःशक्तता, बिहार सरकार, डाॅ0 शिवाजी कुमार की अध्यक्षता में दिव्यांगजनों को सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए व्यापक दिव्यांगता समावेशी दिशा-निर्देश डाॅ0 शिवाजी कुमार द्वारा दिया गया। समीक्षा के क्रम में दिव्यांजनों के उत्थान एवं कल्याण हेतु चलाये जा रहे विभिन्न योजनाओं, धाराओं आदि पर विस्तृत समीक्षा की गयी।


जिलास्तरीय बैठक में स्वास्थ्य विभाग को दिव्यांगता प्रमाणीकरण पर निर्देश दिया गया। बैंक अधिकारियों को दिव्यांगों के लिए सुलभ लोन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया तथा दिव्यांगजनों की स्थिति तथा प्रगति की समीक्षा की गयी।


बैठक में दिव्यांगों के प्रमाण पत्र जारी करने, जनवितरण प्रणाली, ट्राईसाईकिल, हियरिंग, राशन एवं राशन कार्ड, जाॅब कार्ड, लोन मुहैया कराने का निर्देश दिया गया।

 

राज्य आयुक्त, निःशक्तता ने अधिकारियों को निदेश देते हुए कहा कि एक अभियान चलाकर नगर-नगर, डगर-डगर, घर-घर तक जाकर दिव्यांगजनों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने की आवश्यकता है। इस हेतु सभी अधिकारी अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों का निवर्हन पूरी ईमानदारी एवं निष्ठापूर्वक करें। ऐसा प्रयास करें कि दिव्यांगजनों को प्रशासन के प्रति विश्वास उत्पन्न हो तथा वे सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं से पूर्ण पारदर्शी एवं शत-प्रतिशत लाभान्वित हो सकें।


उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करें। दिव्यांगजनों के जीवन परिवर्तन में अपना-अपना उल्लेखनीय योगदान दें, तभी जाकर दिव्यांगजनों को आत्मबल मिलेगा तथा उन्हें समानता के साथ जीवन व्यतीत कर हर्ष भी होगा। उन्होंने कहा प्रत्येक दिव्यांग को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले, इससे कोई भी वंचित नहीं रहे। 


मंच पर उपस्थित राष्ट्रीय भ्रष्टाचार नियंत्रण एवं जन कल्याण संगठन के राष्ट्रीय प्रोटोकॉल ऑफिसर मुमताज़ अहमद ने कहा कि बहुत सारी ऐसी योजनाएं हैं जिनके बारे में दिव्यांगजन अनभिज्ञ है। उन्होंने जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी को निदेश दिया कि सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के विकास एवं कल्याण हेतु चलाये जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों, योजनाओं सहित नये दिव्यांग अधिनियम 2016 के अन्तर्गत दिये गये अधिकारों से संबंधित जानकारियों का व्यापक स्तर पर विभिन्न माध्यमों यथा-बैनर, फ्लेक्स, पोस्टर, नुक्कड़ नाटक सहित सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफाॅर्म आदि से प्रचारित-प्रसारित करायेंगे। मिशन मोड में जागरूकता अभियान चलाना सुनिश्चित करेंगे।


आगे मुमताज़ अहमद ने कहा कि सभी को संवेदी अंगों को सुरक्षित रखने, बचाने हेतु एक मुहिम चलाने की आवश्यकता है।


 दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अंतर्गत विनिर्दिष्ट दिव्यांगता 21 प्रकार के हैं, जिनमें चलंत संबंधी दिव्यांगता, मांसपेशीय दुर्विकास, ठीक किया हुआ कुष्ठ, प्रमस्तिष्क घात, बौनापन, अम्ल हमले की पीड़ित, कम दृष्टि, दृष्टिहीनता, श्रवण क्षति, सुनने में कठिनाई, वाक और भाषा दिव्यांगता, बौद्धिक दिव्यांगता, विशिष्ट शिक्षण दिव्यांगता, आॅटिज्म स्पेक्ट्रम डिस्आॅर्डर, मानसिक रूग्णता, क्रोनिक स्रायविक स्थिति, बहुल काठिन्य, पार्किन्सन रोग, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया, सिकल सेल रोग शामिल हैं।


उन्होंने कहा कि एपिड योजना के अंतर्गत कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा दिव्यांगजनों को सहायक यंत्रों/उपकरणों का वितरण किया जाता है। यह अत्यंत ही लाभकारी योजना है। एपिड योजना के अंतर्गत गंभीर रूप से विकलांग दिव्यांजन के लिए और एससीआई, मस्कुलर, डाइस्ट्रोफी, स्ट्रोक, प्रमस्तिष्क अंगघात, पक्षाघात वाले दिव्यांजन, जिनके तीन/चार अंग अथवा शरीर का आधा हिस्सा गंभीर रूप से विकलांग हों, के लिए मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल देने का प्रावधान है। वहीं दिव्यांगजन का अधिकार अधिनियम 2016 के तहत कौशल विकास एवं रोजगार हेतु भी प्रावधान किये गये हैं। साथ ही दिव्यांगजनों के आजीविका हेतु भी कई सारी योजनाएं क्रियान्वित हैं।


आगे नि:शक्तता आयुक्त ने कहा कि दिव्यांगजन का अधिकार अधिनियम 2016 के तहत 102 धाराएं हैं, सभी धाराओं का सख्ती के साथ अनुपालन सुनिश्चित किया जाय। साथ ही पीड़ित व्यक्ति को इन धाराओं के तहत लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाय। अगर किसी दिव्यांग को कोई व्यक्ति अशोभनीय भाषा से संबोधित करता है तो उसके उपर्युक्त धारा के तहत कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत कुल- 102 धाराएं प्रभावी है।   


स्वास्थ्य विभाग को निदेश दिया गया कि नियमित रूप से प्रत्येक पीएचसी में दिव्यांगता प्रमाण पत्र निर्गत करने हेतु सभी व्यवस्थाएं अपडेट की जाय। साथ ही दिव्यांगों के घर तक जाकर भी उन्हें दिव्यांगता प्रमाण पत्र मुहैया करायी जाय। उन्होंने कहा कि दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्राप्त करना दिव्यांगों का अधिकार है। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं कोताही बरतने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी। पूर्ण पारदर्शी तरीक से दिव्यांगों को प्रमाण पत्र मुहैया कराने की व्यवस्था करें। किसी भी सूरत में शिकायत प्राप्त नहीं होनी चाहिए। साथ ही अस्पतालों में थैलेसीमिया एवं हीमोफीलिया रोग से ग्रसित दिव्यांगों हेतु डे-केयर सेंटर को अविलंब फंक्शनल कराने का निदेश भी दिया गया। 


कार्यपालक पदाधिकारी, नगर निकायों को निदेश दिया गया कि शहर के मुख्य सार्वजनिक स्थलों पर दिव्यांगजनों हेतु शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। जिला परिवहन पदाधिकारी को सड़क पर जेब्रा काॅसिंग अंकित कराने, वाहनों में दिव्यांगों हेतु सीट आरक्षण की व्यवस्था, दिव्यांगों को तीव्र गति से ड्राईविंग लाइेंसस मुहैया कराने आदि कार्य सुनिश्चित कराने का निदेश दिया गया है। साथ ही तेज हाॅर्न बजाने वाले वाहनों, निर्धारित गति से ज्यादा गति में चलने वाले वाहनों से अभियान चलाकर जुर्माना वसूलने का निदेश दिया गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिव्यांगजनों को शिक्षा से जोड़ने के लिए भी निदेशित किया गया।


उप विकास आयुक्त, श्री रवीन्द्र नाथ प्रसाद सिंह द्वारा राज्य आयुक्त, निःशक्तता को आश्वस्त किया गया कि दिए गये दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन तीव्र गति से पूर्ण पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित कराया जायेगा ताकि दिव्यांगजनों को अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो सके। 

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री रवीन्द्र नाथ प्रसाद सिंह, एसडीएम, बेतिया, श्री विद्यानाथ पासवान, पुलिस उपाधीक्षक, श्री आलोक कुमार, श्रम अधीक्षक, श्री शशि कुमार, जिला नियोजन पदाधिकारी, श्री तौसिफ, जिला कल्याण पदाधिकारी, श्री उपेन्द्र सिंह, जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी, श्री राजीव कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, श्री विनोद कुमार रजक, जिला परिवहन पदाधिकारी, श्री राजेश कुमार सिंह,  जिला प्रबंधक, बुनियाद केन्द्र उपस्थित रहे।

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